आज हम बात करने जा रहे है की उन सभी लोगो के बारे में जो अपनी जिंदगी में नाकामयाब हो चुके है,माफ़ कीजिएगा हम बात करेंगे उन सभी आदतों की जो एक इन्सान को नाकामयाब बना देते हैभी खामिया आम होती है,लेकिन हमारे जीवन को बिना किसी लक्ष्य के जीने को मजबूर देती है,हर बार असफल होने के बाद हमारे पास बस दो चीज़ बचती है दोष देने को पहला किस्मत और दूसरा अपने आप को कमजोर बताना जो गलत है,

तो चलिये जानते है कुछ ऐसे ही आदतों को जो हमें सफल नही होने देती है

1.वक्त की कीमत नही समझना

वक्त की परवाह करना ही सबसे बड़ा रास्ता है अपने सफलता को पाने के लिए ओपर जो लोग इसकी कुछ परवाह ही नहीं करते है वही लोग असफल होते है,ये किसी भी टाइम किसी के साथ चले जाते है ये किसी भी कार्य को टाइम से नही कर पाते है और हमेशा आज का काम कल पर टालते रहते है बस यंही से एक रोड़ा बनता है सफलता और इनके बिच जो कभी ख़त्म ही नही होता,किसी ने कहा भी है:-

समय से बड़ा कीमती और कुछ भी नही है

 

2.लक्ष्य का न होना

जब हमारे पास कोई लक्ष्य नही होता है तो हमारी जिंदगी सिर्फ उस नेत्रहीन मनुष्य की तरह होती जो बस केवल अपने अनुभव से दो कदम ही चलना होता लेकिन हमें सही दिशा का ज्ञान न होना ‌‍और चलते रहते है और अपनी सही मंजिल को नही पहुँच पाते है

आँख बंद करके तीर चलाना ,जो निशाने पर न लगे

समय भी बर्बाद हो और कोई कार्य भी न हो पाए

3.विनम्रता की कमी होना

विनम्रता मनुष्य का सबसे बड़ा गुण होता है,जो मनुष्य जितना ही विनम्र होता है उसकी सफलता के आसार उतने ही बढ़ते जाते है कहते भी है की अगर आपके पास कुछ नही है और आप विनम्रता के गुण से भरपूर है तो आपके पास सबकुछ है

 कुआं जितना गहरा होता है उतना ही ठंडा जल देता है

4.खुद पर विश्वाश न होना

हमने बहुत बार देखा होगा की लोग कहते है की यार चल छोड़ इसको ये पागल हो गया है जो काम इससे नही हो पायेगा वही करने जा रहा है ये आपने अपने दोस्तों से कहते सुना होगा लेकिन जब आप वही काम कर देते है तो लोग कहते है यार तूने कैसे किया तो उनके लिए एक प्यारा सा जवाब तो बनता ही है:-

यार मुझे अपने आप पर इतना विश्वाश है की मैं कुछ भी कर सकता हूँ

5.अहंकार और घमंड न करे

सफलता भगवन की दी हुई एक अनमोल तोहफा है जो की आपके कठिन मेहनत को देखकर उसने आपको इनाम दिया है तो आप इसके उपर घमंड न करे की ये कभी नही जाएगी अगर आपके पास सफलता आते ही आप घमंड में चूर हो जाते है तो ये निश्चित है की आपका ये अहंकार पल भर में ख़त्म हो जायेगा

मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण उसका अहंकार होता है

6.अपनी तुलना किसी और से करना

जो लोग अपनी तुलना किसी और से करते है और उनसे जलते है आप उनके बारे में कह सकते है की वह कभी सफल नही हो सकता है क्योंकि उसको सिर्फ दुसरो के बारे में सोचना है न की अपने बारे में सब मनुष्यों में कुछ स्पेशल होता है और आपके अन्दर कुछ स्पेशल आप अपने उस हुनर को एक नया अंदाज़ दे कुछ नया करने की सोचे और फिर आप देखे की आप जिससे कुछ दिन पहले तुलना कर रहे थे वह आपसे कितना पीछे है

कभी भी किसी को अपना विरोधी न  माने बल्कि एक खिलाडी समझे जिससे आपको आगे निकलना है .

7.किसी बात बिना सुने बहस करना

हमारी एक सबसे बड़ी कमी होती है की सामने वाले की पूरी बात नही सुनते है और उस पर चिल्लाने लगते है,अनाब शनाब कहने लगते है सबसे बड़ी बात जीवन में सबसे बड़ी ख़ुशी तब होती है जब हमारी कोई इज्जत करता है बहुत बड़ी भीड़ में से कोई सिर्फ आपको आवाज़ देता है और ये तभी होता है जब आप अपनी बात कहने से पहले उसकी बात को अच्छी तरह से सुनते है और सोच समझकर बात करते है

सफलता का मज़ा तब और भी दुगना हो जाता है जब हम अपनी खुशी में सभी को शामिल करते है ..

8.अपने लक्ष्य को भूल जाना

बहुत बार ऐसा देखा  गया है की जब बच्चा छोटा होता है तो उससे यही सवाल किया जाता है

आप:बेटा आप बड़े होकर क्या बनोगे

बेटा:मैं  बड़ा होकर आईपीएस बनूँगा

कुछ समय बाद वह अपना लक्ष्य भूल कर किसी और की तयारी करने लगता है जो की सबसे बड़ी बिडम्बना है

लक्ष्य बनाना अच्छी बात है लेकिन लक्ष्य को पाना बहुत बड़ी बात है

9.मजबूत विश्वास का होना

जैसा की मैंने कहा है की आपको अपने ऊपर विश्वाश होना चाहिए लेकिन कभी कभी ऐसा होता है की हमारा विश्वाश टूटने लगता है तो आपको उस समय बस यही करना है की आप उन सभी लोगो को या उन सभी किताबो को छोड़ दे जो आपको ऐसा सोचने के लिए मजबूर करती है की आप बहुत कमजोर हो.

किसी भी स्थिति में हमें अपने उपर का विश्वाश नही खोना चाहिये

10.कुछ भी  व्यवस्थित न कर पाना

जब तक हम कुछ भी व्यवस्थित नही कर पाते तब तक हम सफल तो क्या सफलता के पास तक तो जा नही सकते है इसलिए आपको सबसे पहले अपने नियमित क्रिया कलापों को व्यवस्थित करना होगा

एक अनियमित मनुष्य खुद से जुडी सभी चीजों  को अनियमित बना देते है

 

निष्कर्ष:-

जिस मनुष्य को सफल होना है,उसको अपने नियमित क्रिया कलापों को व्यवस्थित करना चाहिए,सभी तरह के लोगो से प्यार से बात करना चाहिए,आपको विनम्र बनकर रहना चाहिए,हमेशा सकरात्मक सोच रखना चाहिए ये सभी बाते एक सफा मनुष्य में होती है.

आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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