chanakya niti in hindi & english :-चाणक्य नीति को हम एक प्रकार से अपनी सफलता में सहयोग देने वाली पुस्तक समझ लेते है लेकिन इसकी वास्तविकता ये है की आपको चाणक्य नीति में कंही ये भी लिखा हुआ नही मिलेगा की आप एक सफलता के बाद रुक जाये,अपने कर्मो और प्रयासों को रोक दे उसको विराम दे दे,उसमे इतनी साड़ी बाते है की अगर आप चाणक्य नीति इन हिंदी को अच्छे से अपने जीवन में उतर ले तो शायद ही कुछ असंभव लगे आपको यह नीति भी आपको कभी हारना नही सिखाती है और आज हम उन्ही सागर से कुछ मोती लायें है जो सफलता पाने के लिए आपकी हेल्प करेंगे.

chanakya niti in hindi .

आचार्य जी ने अपने जीवन काल में जो अनुभव किया उसको लोगो को देने की कोशिश की उन्ही के कुछ नियम यंहा पर है

chanakya neeti in hindi & english:-

1.समय की पहचान:-

chanakya niti in hindi में समय को बहुत ही महत्त्व दिया गया है आचार्य जी ने कहा की अगर आपने समय के रहते हुए अपने सभी काम नही कर लिए तो आपको तिरस्कार भी सहना पड सकता है,आपकी मान सम्मान भी जा सकती है इसलिए सभी कार्य समय से करने चाहिए,ताकि आपके ऊपर कभी कोई ऊँगली नही उठा सके.इसलिए आपको सभी कार्य समय पर ही करना चाहिये,..

2.सही मित्रों की परख:-

chanakya niti in hindi में दूसरा बड़ा ये तथ्य है की आपके जो मित्र है क्या वह आपके धन से प्यार करते है,कभी आपकी बुराइ न करके आपकी हाँ में हाँ मिलते है,आपको बुरे कार्य करने से नही रोकते है,आपके अन्दर नकारत्मक विचार भर देते है तो ऐसे मित्रो से दूर रहिये क्योंकि chanakya niti in hindi में कहा गया है चापलूसी आपका सर्वनाश कर सकती है,मित्र ऐसे हो जो आपको सही कार्य के लिए प्रेरित करे,आपके अन्दर गुण विकसित करे,आपको सद्मार्ग दिखाए,आपके धन को बढ़ने की सोचे,आपके गलत कार्यों  की अवलेहना करे,आपकी चापलूसी न करे ऐसे मित्र आपको सब कुछ दिला सकते है हमें मालूम होना चाहिए कि कौन हमारा सच्चा मित्र है और कौन मित्र होने का दिखावा भर कर रहा है। शत्रु तो आपको दूर से नजर आ सकते हैं लेकिन उन मित्रों से आपको खासतौर से बचने की जरूरत होती है जो दोस्त की शक्ल में दुश्मन होते हैं। इस दुविधा से आप पार पा लेते हैं तो सफलता आपके कदम चूमेगी।..

3.आप कंहा है देश का ज्ञान:-

chanakya niti in hindi में आचार्य जी ने बताया है अगर आप यह जानते हैं कि जहां आप काम करते हैं वह स्थान,शहर, राज्य और देश के हालात कैसे हैं तो आप सफल हैं। कार्यस्थल पर काम करने वाले लोगों के मिजाज को ध्यान में रखते हुए अगर आप काम करेंगे तो असफल होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।इसलिए chanakya niti in hindi में इस बात को बहुत ही अहम् माना गया है| औरआपको भी यह जरुर देखना चाहिये.

4.खर्च और कमाई को ध्यान में रखे:-

chanakya niti in hindi में आचार्य जी ने बताया है अगर आप समझदार हैं तो आप जाहिर तौर पर अपनी आय और व्यय का ख्याल रखते ही होंगे। व्यक्ति को अपनी आमदनी देखकर ही खर्च करना चाहिए। जो लोग आय से ज्यादा खर्च करते हैं, वो हमेशा उलझनों में रहते हैं। इसलिए धन संबंधी सुख पाने के लिए कभी भी आय से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए। जब आप कमाई से ज्यादा खर्च करेंगे तो आपका विनाश निश्चित है|

5.अपनी जरुरत जाने:-

chanakya niti in hindi में आचार्य जी ने बताया है|अगर आप यह बात अच्छे से जानते हैं कि आपका प्रबंधक, कंपनी, संस्थान या आपका बॉस आपसे क्या चाहता है, तो आप न सिर्फ समझदार हैं बल्कि आप सफल भी हैं। ऐसा भान होने पर हम ठीक वैसे ही काम करते हैं जिससे संस्थान को लाभ मिलता है। अगर संस्थान को लाभ होगा तो आपकी सफलता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इससे आपका मान सम्मान भी बढ़ता है|

6.अपना सामर्थ्य जाने:-

chanakya niti in hindi में आचार्य जी ने बताया है|अगर आप अपनी सामर्थ्य को अच्छे से जानते हैं तो भी आप सफलता को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप वाकई में ऐसे हैं तो आप वही काम हाथ में लेंगे जिसके साथ आप इंसाफ कर पाएंगे। इसके उलट अगर आप अपनी सामर्थ्य से अधिका का काम पकड़ेंगे न सिर्फ आप असफल होंगे बल्कि आपको कार्यस्थल पर भी अपमान का सामना करना पड़ेगा|इससे आपको अपमान और अपनी मान मर्यादा भी खोनी पड सकती है|

chanakya neeti in hindi यहीं पर ख़तम नही होती है इसमें बहुत सारे विचार है,बहुत ऐसे वाक्य है जो आपके जीवन की दिशा बदल देंगे,इसलिए आपको chanakya neeti in hindi को जरुर पढ़ना चाहिये और हम इसके सभी खंड आपके सामने लाते रहेंगे|chanakya neeti in hindi में आज बस इतना ही..

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