motivational story in hindi | ध्यान सिर्फ लक्ष्य पर रहे , हम बहुत बार केवल प्रयत्न करते रहते है लेकिन हमको उसका सही परिणाम नही मिलता है क्योंकि हम हमेशा अपने लक्ष्य से भटक जाते है और अपने लक्ष्य को भूल जाते है फिर कहते है किस्मत मेरे साथ नही है या और भी बहुत कुछ जो हमें नही कहना चाहिये लेकिन समझना चाहिये की हमको किस चीज की जरुरत है इसलिए हमको सफल होने के लिए एक लक्ष्य की जरुरत पड़ती हैं और वह हमारे जीवन में होना भी चाहिये नही तो जिंदगी केवल भटकने में ही निकल जाती है चलिए जानते है लक्ष्य पर ध्यान कैसे लगते है:-motivational story in hindi | ध्यान सिर्फ लक्ष्य पर रहे

motivational story in hindi | ध्यान सिर्फ लक्ष्य पर रहे-जानिए इस कहानी में 

महाभारत काल में कौरव और पांडव को शिक्षा दीक्षा का कार्य उस समय के महान  धनुर्धर गुरु द्रोणाचार्य जी को दिया गया था और आचार्य यह कार्य बहुत ही अच्छे से कर रहे थे प्रतिदिन दोनों पक्षों को कुछ बढ़िया करने को प्रोत्साहित किया करते थे |सभी लोग आचार्य से शिक्षा बहुत ही मन से ग्रहण किया करते थे कौरव और पांडव में सबसे अच्छे धनुर्धर अर्जुन थे |एक दिन गुरु द्रोना ने सभी की योग्यता और यह जानने के लिए परीक्षा लेनी चाही की सबसे अच्छा एकाग्रता और ध्यान करने की क्षमता कीस शिष्य में है इसलिए उन्होंने एक मिटटी की चिड़िया बनाई और उसको एक पेड़ पर ऊपर रख दिया|फिर सभी शिष्यों को बुलाया और धनुष बाण दिया और कहा की जो चिड़िया पेड़ पर है उसकी आंख का भेदन करो

सभी शिष्य आये और सबने कुछ ऐसा उत्तर दिया जिससे आचार्य असंतुष्ट थे उनके उत्तर कुछ ऐसे थे:-

  • आचार्य मुझे सिर्फ पेड़ दिखाई दे रहा है चिड़िया नही
  • आचार्य मुझे चिड़िया दिखाई दे रही है लेकिन मै निशाना नही लगा पा रहा हु

इस तरह जब सबसे असंतुष्ट होकर अर्जुन से कहा की “अर्जुन ये धनुष और तीर लो,सामने पेड़ पर एक मिटटी की चिड़िया बैठी है उसके आँख पर निशाना लगाओ”

अर्जुन ने धनुष और तीर लिया और निशाना साधा,आचार्य ने कहा अर्जुन तुम्हे क्या दिखाई दे रहा है,अर्जुन ने कहा गुरुदेव मुझे सिर्फ चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है आज्ञा  हो तो आँख का भेदन कर दूँ? आचार्य बहुत खुश हुए और कहा:-तीर छोड़ो वत्स तुमने अपना लक्ष्य साध लिया,तुम सफल हुए| और अर्जुन ने तीर छोड़ा तीर चिड़िया के आँख को भेद गई

दोस्तों जब तक हम बिना लक्ष्य के रहेंगे तब तक हमारी कोई भी योजना सफल नही होगी हमें पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिये उसके बाद योजना बनाना चाहिये और फिर उसपर कार्य करना चाहिये,इस कहानी में यही था की आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिये और कोशिश करनी चाहिये

दोस्तों आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी हमको जरुर बताये और कमेंट करे……….आपका बहुत बहुत धन्यवाद

 

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